दरभंगा एयरपोर्ट को मिला एक नया मुकाम, नागरिक उड्डयन मंत्री ने बांधे तारीफों के पुल।

दरभंगा एयरपोर्ट आज किसी परिचय या पहचान का मोहताज नहीं रहा। हर दिन में अपना एक अलग मुकाम हासिल कर रहा है। इसको लेकर केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी सदन में तारीफों के पुल बांध चुके हैं। जिसमें उन्होंने उड़ान योजना के तहत सबसे सफलतम एयरपोर्ट में दरभंगा के बारे में जिक्र करते हुए कहा कि, दरभंगा ऐतिहासिक शहरों में शुमार है वहीं मैथिली संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है। इतना ही नहीं दरभंगा में हवाई पट्टी आजादी से पहले बनाई गई थी। और दरभंगा एविएशन, एक निजी एयरलाइन 1950 से 1962 तक हवाई उड़ान संचालित करती थी।

कामयाबी की सीढ़ी पर दरभंगा एयरपोर्ट

पूरा देश जब कोविड की समस्या से जूझ रहा था, तो उस समय भी लाखों लोगों ने हवाई यात्रा की। दरभंगा एयरपोर्ट पर अन्य एयरपोर्ट की तरह सुविधाओं का घोर अभाव हैं, बावजूद इसके यह दिन-प्रतिदिन कामयाबी की सीढ़ी चढ़ रहा है। 08 नवंबर 2020 को दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान योजना के तहत हवाई सेवा की शुरुआत की गई थी। महज तीन शहर दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के लिए शुरू हुई फ्लाइट्स की उड़ान आज कई शहरों के लिए उड़ान भर रही है। स्पाइसजेट और इंडिगो के बाद दरभंगा एयरपोर्ट से अन्य विमानन कंपनियों की फ्लाइट भी उतरने की तैयारी में हैं।

पहुंच पथ अप्रैल से शुरू

वहीं दूसरी ओर दरभंगा एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में सुधार का प्रयास किया जाने लगा है। जिस कड़ी में दरभंगा एयरपोर्ट के टर्मिनल तक यात्रियों को जाने में आसानी होगी। दरभंगा-जयनगर हाइवे से एयरपोर्ट के परिसर के बीच कल्वर्ट बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिसके पूरा होते ही इस पथ को एयरपोर्ट के टर्मिनल तक सीधे तौर पर जोड़ दिया जाएगा। वहीं इस रास्ते पर यात्री शेड भी बनाया जाएगा। बता दें कि 15 अप्रैल तक पहुंच पथ को हर हाल में पूरा करने का निर्देश डीएम राजीव रौशन ने दिया हैं।

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