जयपुर में दरभंगा के 12 साल के बच्चे के साथ बर्बरता की सारी हदें पार।

कहते हैं कि जब इंसान ही रक्षक से भक्षक बन जाए, तो वो इंसान नहीं जानवर से भी बद्तर होता है। राजस्थान के जयपुर में दरभंगा के रहने वाले 12 वर्षीय बच्चे के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गई‌। मालूम हो कि इस मामले की खबर जैसे ही बाहर आई है, लोग सन्न रह गए हैं। आखिर यह कोई कैसे कर सकता है। पूरी खबर विस्तार से जानकारी देते चले कि दरभंगा के हायाघाट क्षेत्र के एक गांव से रोजगार के लिए नाबालिग 12 वर्ष के बच्चे के मां-बाप को सब्जबाग दिखाकर आरोपित मालिक ने चुड़ी कारखाने में काम दिलाने के नाम पर जयपुर ले गया।

17-18 कराया जाता था काम

जयपुर में बच्चे को ले जाने के बाद दिन-रात काम करवाया जाता, और बदले में कुछ भी नहीं देता था। यहां तक कि उससे 17-18 घंटे काम करवाया जा रहा था। बच्चे को सात महीने से कैद करके रखा गया था। खाना-पानी मांगने पर चाय-बिस्किट देता था। वहीं खाना मांगने पर कारखाने का मालिक उसके तलवे को गर्म सलाखों से दाग देता था। यही नहीं कारखाना मालिक और उसकी पत्नी मारपीट करते थे। कष्ट देने के लिए चाकू से काट कर जख्मी कर देते थे। सुनने में आई खबर के मुताबिक उसके साथ गलत काम भी किया जाता था।

कैद से निकल लगाई मदद की गुहार

इसी बीच मंगलवार को कारखाने मालिक के कैदखाने से निकलकर आसपास रहने वाले पड़ोसी के घर पहुंचा, और मदद की गुहार लगाने लगा। बच्चे के तलवे में इतना जख्म था कि वो रेंगता हुआ चल रहा था। वहीं खाना ना मिलने की वजह से मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। लोगों ने इसकी सूचना चाइल्ड लाइन और पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पुलिस ने पहुंचकर पूछताछ शुरू कर दी। काफी पूछताछ के बाद बच्चे ने जो आपबीती सुनाई, उसे सुन सभी दंग रह गए। पुलिस के मुताबिक बच्चे के शरीर और तलवे पर काफी जख्म हैं। पुलिस ने बच्चे से नंबर लेकर उसके मां-बाप से बात करवाई। जहां बच्चे ने रोते हुए अपना हाल बयां किया।

मां-बाप जयपुर के लिए रवाना

यह घटना जयपुर के शास्त्रीनगर इलाके में मक्का-मस्जिद के पास की हैं। पुलिस ने आरोपित मालिक के ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन वो भाग निकले थे। बच्चे को जयपुर पुलिस ने अपने संरक्षण में रखा हैं। वहीं बच्चे के मां-बाप ट्रेन पकड़कर जयपुर रवाना हो गए हैं।

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