दरभंगा जीएम रोड में दिल दहलाने वाली आगजनी कांड के 46 दिन बाद पीड़ित के घर पहुंचे, डीएम राजीव रौशन।

दरभंगा के जीएम रोड में दिनदहाड़े दिल दहलाने वाली आगजनी कांड को लोग अभी तक नहीं भूल पा रहे हैं। जिसमें जमीन विवाद को लेकर पेट्रोल छिड़ककर दबंगों ने घर में आग लगा दिया था। इसमें घर के मुखिया और उनकी बहन बुरी तरह झुलस गये। पीएमसीएच में गंभीर अवस्था में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान दोनों भाई-बहन की मौत हो गई थी। यह मामला पूरी तरह सुर्खियों में छाया रहा, जिसको लेकर राजनीतिक दलों से लेकर तमाम संगठनों ने आवाज उठाई थी। शहर के बीचोबीच हुए इस घटना को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठे थे।

डीएम ने की आर्थिक मदद

10 फरवरी को हुई जीएम रोड में आगजनी घटना का वाकया याद कर आज भी लोग सिहर उठते हैं। बाद में घटना के मुख्य आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार प्रयास करती रही, और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन अभी भी घटना के कई आरोपी फरार हैं। घटना में घर के मुखिया की मौत हो जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल हो चुकी है। वहीं इसमें मुखिया की एक और बहन जो आग में गंभीर रूप से घायल हो गई थी, उनका इलाज चल ही रहा है। पीड़ित परिवार अभी भी न्याय की आस में टकटकी लगाए बैठे हैं। इसी बीच घटना के 46 दिनों बाद दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रौशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पीड़ित परिवार से मिलने मंगलवार को पहुंचे।

फरार आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग

डीएम राजीव रौशन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव जावेद आलम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के साथ हर हाल में प्रशासन खड़ी होने का आश्वासन दिया। वहीं फिर एक-एक लाख रुपए का दो चेक देकर परिवार को आर्थिक मदद की। पीड़ित परिवार ने डीएम से सुरक्षा और न्याय मिलने की गुजारिश की, वहीं फरार आरोपी को अविलंब पकड़ने की मांग की। पीड़ित परिवार के मुताबिक अभी भी उन्हें धमकियां दी जा रही है, जिसमें मुकदमा वापस लेने और साथ ही बड़ी घटना को अंजाम देने की धमकियां मिलती है। पीड़ित परिवार ने आशंका जताई है कि उनके परिवार को अभी भी खतरा है, इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर कोई इंतजाम किया जाए। डीएम ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन और जिला पुलिस इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।

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