आज का दिन मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक, 88 साल बाद दरभंगा-सहरसा वाया सुपौल-निर्मली रेललाइन पर ट्रेन सेवा बहाल।

आज का दिन मिथिलांचल के लिए काफी ऐतिहासिक है। लंबे समय से बाट जोह रहे मिथिलांचल के लोगों का सपना आज आखिरकार पूरा होने जा रहा है। 88 साल बाद दरभंगा-सहरसा वाया सुपौल-निर्मली रेललाइन पर आज से ट्रेनों का परिचालन बहाल किया जाएगा। इसको लेकर झंझारपुर जंक्शन और निर्मली में लोकार्पण मंच तैयार किया गया है, जहां केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झंझारपुर-निर्मली नव आमान परिवर्तित रेलखंड तथा निर्मली-आसनपुर कुपहा नई रेललाइन का उद्घाटन तथा नये रेलखंड पर हरी झंडी दिखाकर ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे।

रेललाइन के माध्यम से संपर्क फिर बहाल

मालूम हो कि वर्ष 1934 में कोसी नदी पर बना रेल पुल विनाशकारी भूकंप में ध्वस्त हो गया था। जिसके बाद मीटर गेज पर बने ट्रेनों का परिचालन बंद होने से कोसी और मिथिलांचल के बीच रेल लाइन पर संपर्क खत्म हो गया था। लेकिन अब नौं दशक के इंतजार के बाद इस रूट पर रेल सेवा फिर से बहाल होने जा रही है। बता दें कि सहरसा, सुपौल, ललितग्राम, फारबिसगंज, सकरी, निर्मली, दरभंगा, लौकहा के बीच लगभग 206 किलोमीटर लंबी नये रेल परियोजना पर करीब 1400 करोड़ से अधिक लागत आई है।

08 मई से लोगों को पैसेंजर ट्रेन की सुविधा उपलब्ध

वहीं ललितग्राम से फारबिसगंज के बीच रेलवे ट्रैक बिछाने का कार्य चल रहा है। जिसमें फिलहाल सहरसा से सरायगढ़ और आसनपुर तक ट्रेन परिचालन किया जा रहा है। इसमें जुलाई तक सहरसा से फारबिसगंज तक के लिए ट्रेन का परिचालन शुरू होने की उम्मीद हैं। आज यानि 07 मई से सहरसा-निर्मली-दरभंगा के बीच ट्रेन को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। वहीं 08 मई से इस रूट पर पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन आम आदमियों के लिए शुरू हो जाएगी।

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