बिहार के इन जिलों से वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन गुजरने का रूट फाइनल।

बिहार में बुलेट ट्रेन का सपना जल्द ही साकार होने की ओर अग्रसर है। बताते चलें कि बिहार में हाई स्पीड ट्रेन चलाने की परियोजना पर काम तेजी से बढ़ रहा है। बिहार में पहली बुलेट ट्रेन का रूट पटना नहीं है बल्कि, गया-सासाराम हैं। ज़ी हां इस खबर पर प्रकाश डाले तो वाराणसी-हावड़ा के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के लिए हाईस्पीड रेलवे ट्रैक बिछाने और बुलेट ट्रेन चलाए जाने की तैयारियां आरंभ कर दी गई है। इसको लेकर रेल मंत्रालय से पूर्व मध्य रेल के मुख्यालय में भी पत्र आने की खबर सामने आई है। वाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए शुरुआती सर्वे का कार्य पूरा किया जा चुका है। मालूम हो कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में देश के सात रूट पर बुलेट ट्रेन चलाने की बात कही थी। जिसमें वाराणसी से हावड़ा रूट भी शामिल हैं।

गया जंक्शन वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन में विकसित

वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगी, जिसमें बिहार के सासाराम, गया और झारखंड के कोडरमा, हजारीबाग, गिरीडीह, धनबाद के रास्ते हाई स्पीड रेलवे ट्रैक बिछाई जाएगी। इस ट्रैक पर केवल बुलेट ट्रेन ही चलाई जाएगी। बुलेट ट्रेन के लिए हाई लेवल मीटिंग में वार्तालाप हुई है। इसी के मद्देनजर गया जंक्शन को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा हैं, गया भगवान बुद्ध और विष्णु की नगरी हैं। वहीं काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी एक पर्यटन स्थल हैं। पर्यटन के लिहाज से गया रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन में शामिल करने की योजना के साथ इधर से बुलेट ट्रेन को गुजारने के लिए विचार विमर्श किया गया है। वहीं दूसरी ओर खबर ये भी है कि बुलेट ट्रेन को झारखंड के पारसनाथ से गुजारा जाए। पारसनाथ में विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थस्थल है। नयी बुलेट ट्रेन रूट के लिए पटरी पारसनाथ के आसपास से गुजरेगी। इसको लेकर सर्वे का कार्य जारी है।

2030 तक बुलेट ट्रेन चलाने की योजना

हाई स्पीड बुलेट ट्रेन वाराणसी से शुरू होकर बिहार, झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल के हावड़ा तक जाएगी। इसकी स्पीड 260 किलोमीटर प्रति घंटा हैं, बुलेट ट्रेन के माध्यम से वाराणसी से हावड़ा तक की यात्रा लोग केवल पांच घंटे में पूरा कर सकेंगे। मालूम हो कि इस प्रोजेक्ट पर कोरोना संकट की मार पड़ी थी, लिहाजा काम रूक गया था। लेकिन अब बहुत जल्द डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, जहां पहले से निर्धारित 2030 तक बुलेट ट्रेन का परिचालन बहाल किया जा सके।

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