जयनगर-जनकपुर के बीच आज से रेल सेवा बहाल, पीएम मोदी और नेपाल के पीएम दिखायेंगे हरी झंडी।

आज का दिन भारत-नेपाल के लिए काफी ऐतिहासिक है। लंबे समय से लंबित भारत-नेपाल रेल परियोजना आज सफल होने जा रही है। जयनगर-जनकपुर धाम-कुर्था के बीच आज से ट्रेन परिचालन शुरू हो जाएगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा हैदराबाद हाउस नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करेंगे। ट्रेन परिचालन शुरू होने का उत्साह लोगों में सहज ही देखा जा रहा हैं। जयनगर-कुर्था के बीच डीएमयू ट्रेन 140 किलोमीटर की रफ्तार से चलेगी। इस ट्रेन को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है।

पहले चरण में जयनगर-कुर्था रेल परिचालन

भारत-नेपाल के बीच लगभग 784 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से निर्माणाधीन जयनगर-बिजलपुरा-बर्दीबास रेल परियोजना के तहत प्रथम चरण में नव आमान परिवर्तित करीब 34 किलोमीटर लंबे जयनगर-जनकपुर धाम-कुर्था के बीच ट्रेन का परिचालन पुर्नबहाल होने जा रहा है। फर्स्ट फेज में जयनगर को नेपाल के कुर्था से जोड़ा जा रहा है। वहीं बीजलपुरा से बर्दीबास तक 16 किलोमीटर रेलखंड के निर्माण का कार्य नेपाल सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के बाद शुरू किया जाएगा।

1100 सौं यात्रियों की क्षमता

जयनगर-कुर्था के बीच चलने वाली ट्रेन के हरेक बोगी में एक शौचालय हैं। वहीं ट्रेन के एक रैक में आगे-पीछे दो इंजन हैं। तथा पांच कोच में एक एसी कोच हैं। एसी कोच में ओपन-क्लोज शटर लगा है। चार सामान्य बोगियों में खुलने वाला दरवाजा हैं। दोनों कोच में दो तरह की सीटें हैं। साथ ही यात्री एरिया में हेगिंग चेन लगा हुआ है। जहां भीड़ होने पर यात्री खड़े रहकर भी हैंगिंग चेन पकड़कर सुरक्षित यात्रा कर सकते हैं। ट्रेन में ग्यारह सौं से अधिक यात्रियों के यात्रा करने की क्षमता हैं।

यात्रियों के पास वैध पहचान पत्र जरूरी

जयनगर से जनकपुर के बीच ट्रेन से सफर के लिए नेपाली 60 रूपए तो भारतीय 37.50 रूपए, जयनगर से कुर्था तक नेपाली 70 रूपए भारतीय 43.75 रूपए और एसी बोगी में सफर के लिए नेपाली 300 रूपए और भारतीय 187.50 रूपए किराया निर्धारित किया गया है। इंडो-नेपाल के बीच ट्रेन से सफर करने के लिए यात्रियों को एक घंटा पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंचना पड़ेगा। जिसमें यात्रियों को कस्टम जांच प्वाइंट से लेकर टिकट काउंटर तक पहुंचने में समय लगेगा। भीड़ बढ़ने की स्थिति में ज्यादा समय भी लग सकता है। वहीं यात्रा करने वाले यात्रियों के पास फोटोयुक्त पहचान पत्र होना जरूरी है। दोनों देशों के बीच ट्रेन परिचालन शुरू होने से जनकपुर धाम की यात्रा सरल हो जाएगी, साथ ही व्यापारिक कार्यों में बल मिलेगी।

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