स्वर कोकिला लता मंगेशकर जिन्हें बेहद पसंद था दरभंगा घराने का ध्रुपद गायन।

स्वर कोकिला और भारत रत्न लता मंगेशकर की बीतें दिन हुई मौत ने देश भर को झकझोर दिया है। जहां भारती ने एक सितारा खो दिया है। सिने जगत में अपनी आवाज से एक अलग पहचान बनाने हैं लता मंगेशकर ने। बताते चलें कि कोरोना संक्रमित होने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार होने के बजाय तबीयत गिर गई और बीतें दिनों उन्होंने 92 साल की उम्र में दम तोड़ दिया।

लंबे समय तक गायकी में लहराया परचम

लेकिन लोगों द्वारा उनके गाये गाने को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया जा रहा है। स्वर कोकिला लता मंगेशकर की बात करें तो उनको अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दरभंगा घराने का ध्रुपद गायन बहुत पसंद था। इसके बारे में दरभंगा घराने के जाने-माने ध्रुपद गायक पंडित उदय कुमार मल्लिक का कहना है कि लता जी ध्रुपद गायन को बहुत पसंद करती थी। दरभंगा घराने की पुरानी ध्रुपद परंपरा के प्रति उनके दिल में बहुत सम्मान हैं। लता मंगेशकर के बारे में जितनी बात की जाए वो कम है। अपने नरम स्वभाव और गायकी में अपनी आवाज बुलंद करने वाली लता मंगेशकर को लोग याद करते नहीं अघा रहें हैं।

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