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कोरोना से मौत होने पर 5 दिन पड़ा रहा शव, अपनों ने मोड़ा मुंह तो पत्नी ने दी मुखाग्नि।


कोरोना काल ने रिश्ते-नाते की अहमियत जगजाहिर कर दी है। जहां कही अपने बच्चे कोरोना से संक्रमित मां-बाप को छोड़कर भाग खड़े हुए हैं, तो कहीं अपनों ने कंधा को अर्थी देना भी गंवारा नहीं समझा है। ऐसी ही खबर सामने आ रही है, जहां कोरोना से पति की मृत्यु हो जाने के बाद महिला को मुखाग्नि देनी पड़ी। मालूम हो की मृतक का शव पांच दिन तक पड़ा रहा, इस दौरान किसी नाते-रिश्तेदारों ने आगे आकर मदद नहीं की। जिसके बाद पत्नी ने अपने पति का अंतिम संस्कार खुद किया, पूरा मामला बेगूसराय का बताया जा रहा है।



पांच दिन तक पड़ा रहा शव मुर्दाघर में


पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है, जिसे दोनों सुख में दुख में हर विपरीत परिस्थितियों में मिलकर निभाने का वादा करते हैं। कोरोना के विपरीत परिस्थितियों में पति पत्नी के इस रिश्ते को, पत्नी ने मुखाग्नि दे निभाया। पत्नी के अनुसार पति का शव बेगुसराय सदर अस्पताल के मुर्दाघर में पांच दिन तक पड़ा रहा, जहां किसी रिश्तेदार या अपनों से मदद नहीं मिलने के बाद वह खुद अस्पताल पहुंची।



खुद आगे बढ़कर पति का कराया दाह संस्कार


पूरे मामले में मृतक के किसी भी सगे संबधि के आगे ना आने का बाद, काफी मनुहार करने पर प्रशासन की मदद से बेगुसराय के अधिकारियों द्वारा महिला के पति का दाह संस्कार कराया गया। बताते चले की महिला को दो बेटे हैं, परन्तु सुरक्षा की लिहाज से खुद पति के शव को मुखाग्नि दी। मृतक मुंगेर जिले के रहने वाले थे, जिसकी लगभग एक सप्ताह से तबीयत खराब थी। जिसके इलाज को लेकर मृतक की सास ने उन्हें बेगुसराय बुलाया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार 13 मई को पति-पत्नी बेगुसराय सदर अस्पताल पहुंचे, उसी दिन कोविड टेस्ट ‌किया गया और देर रात पति ने दम तोड़ दिया, जिसके अगले दिन मृतक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पति के रिपोर्ट को देखते हुए अस्पताल कर्मियों ने महिला को टेस्ट करवाने की सलाह दी है, और कुछ समय के लिए क्वारेंटाइन रहने को कहा। इस दौरान किसी अपनों से मदद की आशा नहीं देख महिला सदर अस्पताल पहुंची, पर भरें मन से पति को अंतिम विदाई दी।

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