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बिहार में कॉग्रेस की सरकार बनने पर शराबबंदी हटाने की घोषणा से सियासी जगत में बवाल।


बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न पार्टी नये-नये वादों के साथ वोटरों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं इन सबों के बीच कॉग्रेस ने एक नई घोषणा करके सियासी जगत में बवाल मचा दिया है। वही इसको लेकर कॉग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि शराबबंदी पर विचार करने की बात हुई होगी, तभी अजीत जी ने यह बात बोला है।


शराबबंदी खत्म करने की बात ओछी मानसिकता


कॉग्रेस के इस ऐलान से अलग-अलग पार्टी अपना पक्ष रख रहे हैं। जिसमें जदयू प्रवक्ता अनुसार बिहार में शराबबंदी को महिलाओं और जनता ने दिल से स्वीकार किया है। लोगों की जिंदगी बदलने के साथ उनके रहन-सहन में भी परिवर्तन आया है। इसे खत्म कराने की बात कर उनकी छोटी मानसिकता उजागर हो रही है। बिहार में शराबबंदी आगे भी जारी रहने की उम्मीद जताई।


कानून के नाम पर गरीबों से छलावा


इसी पर आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कुछ इस तरह अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जब राजद की सरकार थी, तभी शराबबंदी कानून लागू हुआ था। परन्तु जब से जदयू और बीजेपी की सरकार बनी है, सब कुछ मजाक बन कर रह गया है। चोरी-छिपे शराब मुंहमांगी कीमत पर मिल रहे हैं। इतना ही नहीं शराब तो होम डिलीवरी भी की जा रही है। कानून के नाम पर गरीबों को छला जा रहा है।

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