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नहाय-खाय के साथ आज से शुरू हुआ लोक आस्था का महापर्व छठ-पूजा।


लोक आस्था का महापर्व नहाय-खाय के साथ ही आज से शुरू हो गया है। बता दें कि इसको लेकर लोगों की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच गई है। जहां घाट की साफ-सफाई से लेकर प्रसाद बनाने के लिए गेहूं चुनने और सुखाने का काम शुरू हो गया है। छठी मैया की स्वागत को लेकर भक्तों का उत्साह चरम पर है। वातावरण में भक्तिमय माहौल बनने लगा है। आज छठ व्रतियों का नहाय-खाय हैं, इसको लेकर नियम-निष्ठा के साथ अपने-अपने घरों में पूजा किया जा रहा है।


चार दिवसीय पर्व छठ पूजा


छठ महापर्व की चार दिवसीय पूजा 08 नवंबर यानि आज से शुरू हैं। बता दें कि यह पर्व चार दिन मनाया जाता है। जहां पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन सांध्यकालीन अर्घ्य और चौथे दिन उदय होते सूर्योदय को अर्घ्य दिया जाएगा। छठ पूजा को लेकर बाजारों में चहल-पहल देखी जा रही है। पूजा को लेकर लोग एक-एक सामान जुटाने में लगे हुए हैं। जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि छठ का मुख्य प्रसाद ठेकुआ होता है, जिसके लिए लोगो द्वारा गेहूं को चुनकर-धोकर सुखाया जा रहा है, वहीं कहीं-कहीं आटा भी पिसाने का काम किया जा रहा है।


छठ पूजा की सामग्री


छठ पूजा की सामग्री की बात करें तो इसमें बांस का टोकरी, लोटा, फल, मिठाई, नारियल, ईख, मूली-बैंगन के साथ कई सब्जियां, शकरकंदी, सुथनी, पान-सुपारी और हल्दी, मूली-अदरक-हल्दी का हरा पौधा, बड़ा मीठा नींबू, शरीफा, केला, नाशपाती, सेव, नारियल, केला, गुड़, चावल और आटे से बना ठेकुआ, चावल, सिंदूर, दीपक, शहद समेत अन्य चीजों की जरूरत होती है। इसके साथ ही छठ पूजा के कार्यक्रम दें दें।


छठ पूजा कार्यक्रम


08 नवंबर- नहाय-खाय (सोमवार)

09 नवंबर- खरना (मंगलवार)

10 नवंबर- डूबते सूर्य को अर्घ्य (बुधवार)

11 नवंबर उगते सूर्य को अर्घ्य (गुरुवार)

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