खोज करे
  • DARBHANGA CITY

डीएमसीएच मे ऑक्सीजन के अभाव से हुई मौत पर जिला प्रशासन आया हरकत में, दोषियों पर कार्रवाई के आदेश।

दरभंगा में ऑक्सीजन के अभाव में हुई फुलदाई देवी की मौत से लगातार डीएमसीएच की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बाद, जिला प्रशासन हरकत में आया है। जहां समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से हुई महिला मरीज की मौत की जाँच में प्रथम दृष्टया वार्ड बॉय को दोषी पाया गया है। जिसके बाद डीएम ने अधीक्षक को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मालूम हो की इस खबर को सबसे पहले सोशल मीडिया पेज "दरभंगा सिटी" ने ब्रेक कर सामने लाया था, जहां डीएमसीएच के कोरोना वार्ड में एक महिला मरीज को समय पर ऑक्सीजन नहीं दिए जाने से हुई मौत का वीडियो वायरल हुआ था।

इस संबंध में पदाधिकारी द्वारा मृतक महिला के परिजनों से भी पूछताछ की गयी। मृतक के परिजनों ने बताया कि कोरोना वार्ड में ऑक्सिजन सिलेंडर उपलब्ध था, लेकिन वार्ड बॉय द्वारा ससमय ऑक्सीजन नहीं दिया गया, जिसके कारण मौत हुई। वही इस को लेकर सीसीटीवी फुटेज भी खगाले जाने की खबर है, पूरी घटना के शुरुआती जाँच के बाद जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने डीएमसीएच के अधीक्षक को दोषी वार्ड बॉय पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।


मालूम हो की डीएमसीएच में ऑक्सीजन के बिना तड़प तड़प कर परसों फुलदाई देवी जो मरीज थी, ने दम तोड़ा दिया था। वायरल वीडियो में “ऑक्सीजन बदलना है, ऑक्सीजन ख़त्म हो गया” परिजन यह कहते-कहते रह गये और फुलदाई देवी ने ऑक्सीजन आने से पहले दम तोड़ दिया। पूरे हादसे की जानकारी मृतक के पुत्र सुनील सिन्हा ने दरभंगा सिटी टीम को दी, जिसे दरभंगा के सबसे बड़े सोशल मीडिया पेज "दरभंगा सिटी" टीम द्वारा फेसबुक और ट्वीटर पर साझा किया गया। दरभंगा सिटी टीम के ट्वीटर से इस ट्वीट को राजद के ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट से भी रिट्वीट किया गया, जिसके बाद मामला पटना तक जा पहुँचा।



वीडियो में आप साफ़ देख सकते हैं, ऑक्सीजन के अभाव में मरीज़ ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। मरीज के परिजनों का आरोप है की कोविड वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर ख़त्म होने के आख़िरी क्षणों में नया सिलेंडर दिया जाता है, जिससे जान जाने का ख़तरा बना रहता है। कल भी फुलदाई देवी को लगाये सिलेंडर के ख़त्म होने पर, दूसरा सिलेंडर आखिरी पलों में मुहैया कराया गया। मगर परिजनों के अनुसार लगाये गये दूसरे सिलेंडर में बस दो मिनट का ऑक्सीजन का बैकअप था। इसकी जानकारी होते ही इस सिलेंडर को बदल कर नया सिलेंडर लाने के दौरान ही मरीज़ ने दम तोड़ दिया। हाल में ही सुपौल के युवक अजीत शर्मा ने कोरोना वार्ड में जारी कुव्यवस्था को उजागर किया था, जिसके बाद उनकी मौत कोविड के कारण डीएमसीएच में ही हो गयी। आखिर कब तक डीएमसीएच में मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जाएगा। बता दें कि ऐसी विचलित करने वाली खबर बाहर आने के बाद जिला प्रशासन डीएमसीएच अधीक्षक से सवाल-जवाब करती है, और फिर मौन धारण करके सो जाती है। इससे पहले भी अजित शर्मा मामले को लेकर आवाज उठी थी, पर डीएमसीएच अस्पताल प्रबंधन पर कोई जांच या कारवाई का नतीजा नही निकला।

855 व्यूज0 टिप्पणियाँ

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें