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दरभंगा-समस्तीपुर हाईवे बंद होने का बढ़ा खतरा।


दरभंगा-समस्तीपुर नेशनल हाइवे पर बाढ़ का ख़तरा लगातार मंडरा रहा है। बताते चलें की बाढ़ के पानी ने दरभंगा-समस्तीपुर रेल खंड को पहले ही अपने चपेट में ले लिया है। जहां हायाघाट में पुल संख्या-16 पर पानी रेल पुल के गार्टर को छूने लगा है। जिसके बाद से ट्रेनों का परिचालन पिछले 04 दिनों से बंद पड़ा हुआ है। वही दरभंगा-समस्तीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बात करें तो इसके आसपास के बड़े इलाक़े में पानी का फैलना जारी है, जहां इसका असर दरभंगा-समस्तीपुर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग सड़क पर भी देखा जा सकता है।


दरभंगा-समस्तीपुर हाईवे बंद होने का बढ़ा खतरा।




दरभंगा-समस्तीपुर नेशनल हाइवे कभी भी बाढ़ की चपेट में आ सकता है। जी हां जिस रफ्तार से पानी का जलस्तर बढ़ रहा है, उसे देखकर तो यही लगने लगा है की हाईवे पर बाढ़ का पानी कभी भी सड़क डूब सकता है। बताते चले कि बागमती नदी लगातार अपना रौद्र रूप दिखा रही है। वहीं बढ़ते जलस्तर से बूढ़ी गंडक नदी भी अछूती नहीं रही हैं, जहां नदियों का उफान चरम पर है। जैसा कि वीडियो में हम पहले ही बता चुके हैं की हायाघाट में पुल संख्या-16 के गार्टर को पानी छूने लगा है। जहां चार दिनों से ट्रेन का परिचालन ठप्प पड़ा हुआ है। वहीं बाढ़ के पानी के बीच दरभंगा-समस्तीपुर हाइवे पर भी बाढ़ का ख़तरा मंडराने लगा है। हाईवे के अलावा आसपास के इलाके में पानी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कयास लगाया जा रहा है कि मुख्य सड़क कभी भी पानी के जद में आ सकती है।


आवागमन में भारी परेशानी


बताते चले की जुलाई माह में आए बाढ़ का दंश लोग अभी झेल ही रहे थे कि फिर से लोगों को बाढ़ की दोहरी मार आ पड़ी है। बाढ़ से लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चला है। बाढ़ से प्रभावित लोगों ने घर-बार छोड़कर स्टेट हाइवे पर आशियाना बनाया हुआ है। वहीं दूसरी तरफ नेशनल हाइवे भी पानी से सुरक्षित नहीं है, अगर कुछ फीट पानी बढ़ जाए तो दरभंगा से समस्तीपुर को जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर पानी का खतरा उत्पन्न हो सकता है। बिहार और नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़ की भयंकर स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसमें बिहार की अधिकांशतः नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गांवों के साथ-साथ शहरों में भी हालात बदतर होते जा रहे हैं। मालूम हो कि बाढ़ के कारण पहले ही रेल परिचालन बंद हैं, वहीं अगर सड़क मार्ग भी पानी में डूब जाएं तो लोगों के आवागमन का साधन भी खत्म हो जाएगा।


ट्रेन बंद होने से लोगों को सफर हुआ मंहगा



बताते चलें कि बाढ़ के कारण कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन और परिचालन समस्तीपुर से किया जा रहा है। जहां ऐसे में लोग सड़क मार्ग से होकर ट्रेन पकड़ने समस्तीपुर जा रहे हैं। सड़क बंद होने की स्थिति में ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को दोहरी मार पड़ सकती है। इसके अलावा बता दें कि जिला मुख्यालय एवं विश्वविद्यालय सहित कई कार्यों के लिए रोजाना लोगों का आना-जाना होता है। सड़क मार्ग अवरूद्ध रहने से ऐसे लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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