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दरभंगा एयरपोर्ट से रोजाना घी और अचार का चढ़ावा जाता है कमला नदी, जाने पूरा माजरा।



सुनने में आपको ये अटपटा लगे लेकिन ये सच हैं, जी हां बता दें कि दरभंगा एयरपोर्ट से प्रतिदिन घी और अचार एयरपोर्ट के पास से गुजरने वाली कमला नदी में प्रवाहित किया जाता है। जहां एक तरफ लोग दाने-दाने को मोहताज हैं, वहीं दूसरी तरफ एयरपोर्ट पर घी और अचार काफी मात्रा में नदी में फेंक दिए जाते हैं। दरअसल सारा माजरा विस्तार से बताते चलें कि दरभंगा एयरपोर्ट पर हवाई यात्रा करने वाले यात्री निर्धारित वजन से ज्यादा लगेज रख लेते हैं। वहीं एयरपोर्ट पर भंडारण की व्यवस्था नहीं होने की वजह से यात्रियों के लगेज से निकाले जाने वाले सामान को वापसी को लेकर संग्रहित नहीं किया जाता। जिससे वे चीजें खराब या बर्बाद हो जाती है। लिहाजा उनको फेंकना पड़ रहा है।


सुरक्षा जांच में निकाल कर रख दिया जाता है बाहर



मालूम हो कि दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई यात्रा को लेकर बड़ी संख्या में यात्रियों की भीड़ उमड़ती है। वर्तमान में दरभंगा एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद पुणे और अहमदाबाद के प्रतिदिन 18 विमानों की आवाजाही हो रही है। एयरपोर्ट पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव हैं, और इस दिशा में कार्य धीरे-धीरे किया जा रहा है। दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई सफर को लेकर पहुंचे लोग अधिकतर कुछ सामानों को चेक इन बैगेज में ना रखकर केबिन लगेज में रखते हैं। बता दें कि जिसमें कई तरल पदार्थ रखें होते हैं। तरल पदार्थ को एक व्यक्ति 100 एमएल ही कैरी कर सकता है। सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षाकर्मी ऐसे सामान को निकाल कर बाहर कर देते हैं।


एयरपोर्ट पर जल्द ही भंडारण की व्यवस्था



इन सामानों में देसी घी, तेल और अचार जैसी कई सामग्रियां होती है। एयरपोर्ट पर इन सामानों को रखने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए इन सामानों को एयरपोर्ट परिसर स्थित एक कमरे में रख दिया जाता है। जहां से फिर इसे बाद में एयरपोर्ट की दीवार से लगे गुजरने वाली कमला नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है। एयरपोर्ट डाइरेक्टर के मुताबिक यात्रियों को यह मालूम नहीं होता कि तरल पदार्थ को ही हैड बैग में नहीं रखा जाता है। ऐसे सामानों को ठीक से पैकिंग करने के बाद ही लगेज बैग में कैरी किया जाता है। इससे रिसाव होने का खतरा नहीं रहता।

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