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दरभंगा एयरपोर्ट पर रात्रि विमान सेवा के साथ ये सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध।



दरभंगा एयरपोर्ट पर जल्द ही यात्रियों को महानगरों की तर्ज पर सारी सुविधाएं उपलब्ध होगी। जी हां, बताते चलें कि दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण को लेकर लंबे समय से चिन्हित 78 एकड़ जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार की हुई कैबिनेट बैठक में राशि स्वीकृत कर दी गई। जिसके बाद अब एयरपोर्ट के विस्तार की प्रक्रिया में लगने वाला ग्रहण खत्म हो गया है। इसके साथ ही अब दरभंगा एयरपोर्ट के विकास एवं विस्तार की उम्मीद तेज हो गई है। 78 एकड़ जमीन में 54 एकड़ जमीन पर नया सिविल इंक्लेव और 24 एकड़ जमीन में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम बनाया जाएगा।


ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर किनारे नवनिर्माण



यात्रियों की सुविधा हेतु अधिग्रहित जमीन पर नया टर्मिनल भवन का निर्माण, कार्गो, एप्रन, मल्टी पार्किंग समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जाएगी। वहीं नये सिविल इंक्लेव के निर्माण से एयरपोर्ट पर रात में भी विमानों की आवाजाही हो सकेगी। बता दें कि नेशनल हाइवे-57 से सटे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर किनारे रानीपुर गांव में नवनिर्माण होगा। इसको लेकर जमीन भी चिन्हित कर लिया गया है।


यात्रियों को सभी सुविधा होगी उपलब्ध



दरभंगा एयरपोर्ट पर वर्तमान में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बीच यात्रा करना पड़ रहा है। जहां आए दिन फ्लाइट कैंसिलेशन से लेकर अन्य समस्याओं से गुजरना पड़ता है। लेकिन एयरपोर्ट पर आइएलएस बन जाने से यात्रियों को राहत मिलेगी। तथा इसके अलावा दरभंगा एयरपोर्ट पर दिन-रात फ्लाइटों का आवागमन हो पाएगा। दरभंगा एयरपोर्ट चालू हुए अभी करीब एक साल भी नहीं हुआ है, लेकिन यात्रियों के मामले में लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। तीन शहरों के लिए शुरू हुई उड़ान आज कई शहरों के लिए सीधी उड़ान भर रही है।


मल्टी लेवल पार्किंग स्थल पर एक साथ 500 चारपहिया वाहन लगाने की क्षमता



दरभंगा एयरपोर्ट जिस तरह नित्य नयी सफलता की गाथा लिख रहा है, उससे आने वाले आगामी सालों में फ्लाइट्स की संख्या 20 से ऊपर पहुंचने की संभावना जताई जाने लगी है। एयरपोर्ट पर नया टर्मिनल भवन वर्तमान के टर्मिनल से चार गुना अधिक आकार का बनाया जाएगा। जहां डिपार्चर और अराइवल एरिया में एक साथ चार फ्लाइटों के यात्रियों को बैठने की जगह होगी। वहीं एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए मल्टी लेवल पार्किंग स्थल बनाया जाएगा। जहां एक साथ 500 चारपहिया वाहन लगाने की क्षमता होगी। बता दें कि इसके साथ-साथ कनेक्टिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा।

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