खोज करे
  • DARBHANGA CITY

दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई सफर करना लोगों के लिए कड़े इम्तिहान से कम नहीं।



दरभंगा एयरपोर्ट की उपलब्धि दिनों-दिन बढ़ रही है, वहीं एयरपोर्ट पर जगह कम होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बताते चलें कि दरभंगा एयरपोर्ट के टर्मिनल के अंदर जाने के लिए लोगों को तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ता है, जो उनके लिए किसी कड़ी इम्तिहान से कम नहीं है। यात्रियों के लिए यह समस्या बस एक दिन की नहीं है, बल्कि अब तो रोज का रूटीन सा बन गया है। लेकिन टर्मिनल के भीतर प्रवेश करने के लिए जो मशक्कत उठानी पड़ रही है, उसमें सबसे अधिक समस्या बुजुर्ग, महिलाओं एवं बच्चों को हो रही है। जहां कड़ी धूप-बरसात के बीच लोग किसी तरह खड़े होकर टर्मिनल के भीतर जाने के लिए अपनी बारी आने का इंतजार करते हैं।


टर्मिनल में बैठने की सीमित जगह नहीं



मालूम हो कि इस दौरान यात्री जब घंटों धूप में खड़े रहने के बाद टर्मिनल के भीतर प्रवेश करते हैं, तो वहां की स्थिति और भी बदतर होती हैं। बता दें कि टर्मिनल के अंदर इतनी भीड़ होती है जहां ना तो बैठने की जगह रहती है ना खड़े होने की। हवाई सफर करने के लिए यात्रियों को जिस कठिनाई से गुजरनी पड़ती है, वो काफी तकलीफदेह है। बता दें कि दरभंगा एयरपोर्ट से प्रतिदिन 10 से 12 फ्लाइटों की आवाजाही होती है, जिसमें 1700 से अधिक यात्री हवाई सफ़र करते हैं। वहीं टर्मिनल में बैठने की मात्र 300 ही सीट हैं। टर्मिनल भवन में जगह की अभाव के बीच यात्री भेड़-बकरी की तरह ठूंसे रहते हैं।


यात्री सुविधा बहाल करने की दिशा में कोई पहल नहीं



दरभंगा एयरपोर्ट को चालू हुए 10 महीने हो गये हैं। बता दें कि इन 10 माह में दरभंगा से फ्लाइट्स की संख्या बढ़ने के साथ नये शहरों के लिए लोगों को हवाई सेवा का लाभ मिलने लगा। लेकिन इन सब के बावजूद यात्री सुविधा पहले की तरह जस की तस बनी हुई है। और इसको लेकर कोई प्रयास भी नहीं किया जा रहा है। दरभंगा एयरपोर्ट पर असुविधाओं को लेकर आये दिन यात्रियों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई जा रही है। परन्तु एयरपोर्ट पर बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

10790 व्यूज2 टिप्पणियाँ

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें