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  • DARBHANGA CITY

31 एकड़ जमीन अधिग्रहण में देरी से रूका दरभंगा एयरपोर्ट का विस्तार, अस्थायी टर्मिनल से हुई समस्या।



दरभंगा एयरपोर्ट से हवाई सेवा बहाल होने के बाद मिथिलांचल वासी जम कर हवाई सफर का आनंद उठा रहे हैं। वही दरभंगा से उड़ान को मिले यात्रियों की ज़बरदस्त रिस्पांस ने उसे उड़ान योजना का अब तक सबसे सफल एयरपोर्ट बनाया है। बताते चलें कि दरभंगा के लिए उड़ान भरने वाली सभी फ्लाइटों में सीटें फुल रहतीं हैं, त्योहारों के दौरान महंगे टिकट होने के बावजूद भी दरभंगा से यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। आखिर हो भी क्यों नहीं, पटना आने-जाने की समस्या से जो निजात मिल गई है।


यात्रियों को पार्किंग की व्यवस्था ना होने से परेशानी


मालूम हो कि दरभंगा एयरपोर्ट पर प्रतिदिन हजारों यात्री उड़ान को लेकर आवागमन करते हैं। जहां सबसे पहले उन्हें पार्किंग, छोटे टर्मिनल सहित कई तरह की समस्या से जूझना पड़ता है। एयरपोर्ट पर पार्किंग की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने की वजह से यात्रियों को मजबूरन मेन रोड के साइड में गाड़ी पार्किंग कर भीतर पैदल चलना पड़ता है। हवाई सेवा के विजिवलिटी लिए ज़रूरी डीवीओआर को भी एयरफ़ोर्स के ऑबजेक्शन के बाद नहीं लगया जा सका। मालूम हो की इसके लिए टेंडर भी आमंत्रित किया गया था, पर मामला ऐन वक़्त पर अटक गया। माना जा रहा है कि एयरपोर्ट ऑथिरिटी की अपनी ज़मीन होने पर ऐसी समस्या नहीं आती।


एयरपोर्ट को लेकर सुस्त रवैया सरकार का


इसके अलावा एयरपोर्ट एरिया में पार्किंग की व्यवस्था को लेकर जल्द से जल्द प्रयास होना चाहिए। जिससे यात्रियों की परेशानी कम हो सके। फ़िलहाल दिल्ली मोड़ स्थित बस स्टैंड के एक हिस्से को पार्किंग बनाने का प्रस्ताव पर चर्चा हैं। जहां से पैदल चलकर यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचना होगा। मालूम हो की दरभंगा एयरपोर्ट का शिलान्यास 2018 में ही किया गया था, तब से ही स्थायी टर्मिनल को लेकर 31 एकड़ ज़मीन प्रस्तावित हैं। सरकार और ज़िला प्रशासन के लचीले रवैये के कारण जिसे अब तक एयरपोर्ट ऑथिरिटी को नहीं सौंपा गया हैं। सरकार के सुस्त रवैये का ख़ामियाज़ा आम जनता को झेलना पर रहा है, जिसको लेकर गंभीर प्रयास की आवश्यक महसूस की जा रही हैं।

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