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  • DARBHANGA CITY

दरभंगा में 20 घंटे तक कोरोना संक्रमित का शव घर में।



दरभंगा में कोरोना संक्रमित से हुई मौत के बाद 20 घंटे से अधिक समय तक शव को उठाने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। बताते चलें कि कोरोना महामारी लोगों को अपने-पराएं का बोध करा रही हैं। जहां मुसीबत के समय कोई भी मददगार साबित नही हो रहा है, इंसानियत तार-तार हो रही है। ऐसा ही कुछ दरभंगा में घटा है, शहर के वार्ड नं-27 के गंगासागर मोहल्ले में लगभग 45 वर्षीय व्यवसायी संक्रमित पाये जाने पर घर में ही आइसोलेट थे।


20 घंटे बाद एक कर्मी पहुंचा सैनिटाइज करने


बता दें कि व्यवसायी की तबियत होम आइसोलेशन में और भी बिगड़ गई, और 23 अप्रैल को उन्होंने दम तोड़ दिया। घर में व्यवसाई की पत्नी और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वहीं व्यवसाई की पत्नी ने शव के अंतिम संस्कार को लेकर जिला प्रशासन से गुहार लगाई, परन्तु दुःख की घड़ी में किसी ने भी साथ नहीं दिया। इस मुश्किल घड़ी में समाज सेवी मददगार साबित हुए। जिन्होंने जिला प्रशासन और नगर आयुक्त से संपर्क किया, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग से एक कर्मचारी शव को सैनिटाइज करने पहुंचा।


कुछ लोगों की सहयोग से शव का अंतिम संस्कार


मालूम हो कि इस पीड़ित परिवार की मदद को लेकर कोई सामने नहीं आया। दो मंजिला मकान से शव को उतारने में मृतक के एक रिश्तेदार, मकान मालिक, समाजसेवी नवीन सिन्हा और स्वास्थ्य कर्मी राजू राम ने मिलकर शव को एम्बुलेंस में रखा। इस दौरान आस-पड़ोस के सभी घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रहे। कुछ रहमदिल इंसान ने आगे आकर इंसानियत होने का फर्ज अदा कर शव का अंतिम संस्कार कराया।

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