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असम-दरभंगा-दिल्ली लाइन को लेकर बड़ी खबर, दरभंगा रेल बाईपास के लिए मिट्टी जांच का काम शुरू।


दिल्ली से असम वाया दरभंगा का सफर अब और भी आसान होने जा रहा है। इसे लेकर दरभंगा में रेल बाईपास बनाने की महत्वकांक्षी परियोजना हेतु मिट्टी जांच का कार्य शुरू कर दिया गया है। बता दें कि मिट्टी जांच के बाद इसकी गुणवत्ता के आधार पर ही पुल-पुलियों सहित रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसी के तहत दरभंगा में 300 करोड़ रुपए की लागत से 7.64 किलोमीटर लंबी दोहरी बाईपास बनाया जाना है।


दरभंगा जंक्शन पर गाड़ियों का अतिरिक्त भार होगा कम


बता दें कि यह नई बाईपास ककरघट्टी को शीशों हॉल्ट से सीधा जोड़ेगी। जिससे नरकटियागंज -सीतामढ़ी से दरभंगा होकर फारबिसगंज मार्ग से असम जाने वाली गाड़ियों को दरभंगा में लोकों रिवर्सल का सामना नहीं करना पड़ेगा। नयी दरभंगा रेल बाईपास से दिल्ली से असम और असम से दिल्ली जाने वाली रेल गाड़ियों को दरभंगा जंक्शन आने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वहीं इससे दरभंगा जंक्शन पर गाड़ियों का अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।


यह रेल लाइन भविष्य में कई संभावनाओं के द्वार खोलेगी


रेलवे बजट में इस बाईपास को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है, जिसको लेकर अब इसके निर्माण से पहले मिट्टी जांच कार्य शुरू किया गया है। बता दें कि शीशों-ककरघट्टी या इस रेल लाइन के मध्य में ही न्यू दरभंगा स्टेशन का भी निर्माण होगा, वहीं दरभंगा एयरपोर्ट के पास से होकर गुजरने के कारण यह रेल लाइन भविष्य में कई और संभावनाओं को भी खोलेगी।


असम से दिल्ली के बीच 300किलोमीटर की दूरी होगी कम


बताते चले की नरकटियागंज- दरभंगा- निर्मली- फारबिसगंज का आमान परिवर्तन किया जा रहा है। जहां नरकटियागंज-सीतामढ़ी-दरभंगा से लेकर झंझारपुर तक के खंड को बड़ी रेल लाइन में बदला जा चुका है। वही सरायगढ़ से कोसी महासेतु हो कर आसानपुर कूपहा तक भी बड़ी लाइन की ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा हैं। बचे हुए रेल खंड में झंझारपुर से आसनपुर कूपहा तक और सरायगढ़ से लेकर फारबिसगंज तक के ट्रैक को बड़ी लाइन में तब्दील करने का काम जोरों पर हैं। बताते चले की इसके अलावा अररिया- गलगलिया के बीच भी नयी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है, पूरी योजना पूरी होते ही असम से दिल्ली के बीच की दूरी में 300 किलोमीटर की कमी आयेगी।

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