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धनतेरस को लेकर ना हो कंफ्यूज, 12 या 13 नवंबर इसके लिए जानें सही तिथि और समय‌।


बताते चलें कि इस बार धनतेरस की तारीखों को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। सबको समझ नहीं आ रहा हैं कि धनतेरस 12 नवंबर को है या 13 नवंबर को। बात यह है कि हिन्दू धर्म के व्रत एवं त्योहार हिन्दी पंचांग की तिथियों के अनुसार ही मनाए जाते हैं। जबकि कई बार तिथियां और अंग्रेजी कैलेंडर की तारीखें एक नहीं होती हैं। कई त्योहार और पर्व तिथियों में पड़ने वाली अवधि और काल पर निर्भर करते हैं, इसलिए कई बार त्योहारों की तारीखों पर असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है। धनतेरस की सही तारीख और तिथि को लेकर बिल्कुल परेशान ना हों, हम अभी आपकी परेशानी हल किये देते हैं।


धनतेरस 2020 की सही तिथि और समय


हिन्दी पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति​​थि को धनतेरस का त्योहार होता है। वहीं इस वर्ष कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी ति​​थि का प्रारंभ 12 नवंबर दिन गुरुवार को रात 09 बजकर 30 मिनट से हो रहा है, जो 13 नवंबर दिन शुक्रवार को शाम 05 बजकर 59 मिनट तक है। धनतेरस की पूजा प्रदोष काल में ही सही मानी जाती है, ऐसे में प्रदोष काल 13 नवंबर को प्राप्त हो रहा है।


धनतेरस पूजा का मुहूर्त


12 नवंबर को रात्रि से ही त्रयोदशी लग रही है। प्रदोष काल सूर्यास्त से बाद और रात होने से पहले का समय काल होता है। ऐसे में धनतेरस की पूजा 13 नवंबर को करना ही सर्वोत्तम है। शुक्रवार 13 नवंबर को शाम 05 बजकर 28 मिनट से शाम 05 बजकर 59 मिनट तक धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त है। इस 30 मिनट की अवधि में आपको धनतेरस की पूजा कर लेनी चाहिए।


यमराज के लिए दीपक


वहीं अकाल मृत्यु से बचने के लिए धनतेरस के दिन प्रदोष काल में घर के बाहर यमराज के लिए एक दीपक जलाया जाता है। इसे यम दीपम या यम का दीपक भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से यमराज प्रसन्न होते हैं, और वे उस परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु से रक्षा करते हैं।

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