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अनोखी मिसाल: समस्तीपुर में बैंड-बाजे के साथ पालतू कुत्ते का अंतिम संस्कार।



कोरोना काल में जहां एक तरफ लोग अपने परिजनों से मुंह मोड़ लेते हैं, वहीं दूसरी तरफ समस्तीपुर में पशु-प्रेम की अनोखी खबर सामने आ रही है। बताते चलें कि समस्तीपुर जिले के शेरपुर ढेपुरा पंचायत के शेरपुर दियारा के रहने वाले नरेश साह के पालतू कुत्ते की मौत हो गई। पालतू कुत्ते का नाम बड़े ही प्यार से टोनी रखा गया था। जिसे नरेश साह लगभग 12 साल पहले सोनपुर मेले से खरीद कर लाये थे।


टोनी घर के सदस्य जैसा


'टोनी' ना सिर्फ घर का दुलारा बन गया, बल्कि आस-पड़ोस में भी सबका प्यारा हो गया। पेशे से ग्रामीण डॉक्टर नरेश साह हैं, उनके अनुसार टोनी ने वफादारी से घर समेत टोले-मोहल्लें की रक्षा की है। इतना ही नहीं टोनी के घर आने से उनके घर काफी तरक्की हुई। एक तरह से टोनी उनके परिवार का हिस्सा बन गया था। टोनी की मौत के बाद विदाई भी इस तरह किया गया, जिससे लोगों को प्रेरणा मिल सके।


हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार


पशु-प्रेम का जीवंत उदाहरण पेश किया है नरेश साह ने। कोरोना काल में लोग अपने मां-बाप तक को छोड़कर निकल रहे हैं। वही पालतू कुत्ते के प्रति इतना स्नेह और प्यार मानवता का जीता-जागता मिसाल है। टोनी की पूरे हिंदू रीति-रिवाज से बाजे-गाजे के साथ शवयात्रा निकाली गई। और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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