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बिहार में हवाई यात्रा के लिए फर्जी RT-PCR का खेल, पॉजिटिव को निगेटिव का रिपोर्ट।


देश में कोरोना की तीसरी लहर की संभावना को लेकर एयरपोर्ट पर यात्रियों को 72 घंटे पहले का RT-PCR रिपोर्ट अनिवार्य है। वहीं इसको लेकर बिहार में फर्जीवाड़ा रिपोर्ट का बड़ा खुलासा हुआ है। बताते चलें कि पटना एयरपोर्ट पर डीएम ने फर्जी आरटीपीसीआर परीक्षण रिपोर्ट रैकेट की जांच के लिए टीम का गठन किया था। गुप्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार जांच टीम ने राजाबाजार के प्लाज्मा डायग्नोस्टिक में छापेमारी कराई, जहां जांच में पता चला कि फर्जी जांच रिपोर्ट की जड़ प्लाज्मा डायग्नोस्टिक से जुड़ी है। इसका नेटवर्क एयरपोर्ट से लेकर कई इलाकों में फैला था। पटना एयरपोर्ट पर एयरलाइंस कंपनियों को इसकी भनक लगी तो गोपनीय तरीके से इस मामले की जानकारी एयरपोर्ट डाइरेक्टर को दी। जिसके बाद डायरेक्टर ने डीएम को पत्र लिखकर कोरोना फैलाने के इस खतरे को तत्काल बंद कराने की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना डीएम ने जांच टीम का गठन किया, जिसके बाद इस मामले का खुलासा हुआ।


12सौं रूपए के लिए फर्जी रिपोर्ट का खेल



पटना में ऐसी पैथोलॉजी का खुलासा बड़ा हैरान कर रहा है, जो पैसों के लिए देश में कोरोना स्प्रेड कर रही थी। 12सौं रूपए के लिए यह लैब कोरोना पॉजिटिव को निगेटिव की RT-PCR रिपोर्ट बनाकर देती थी। इसको दिखाकर अब तक कितने लोगों ने हवाई यात्रा भी की। पटना एयरपोर्ट पर एयरलाइंस कंपनियों ने इस खेल को पकड़ा। बता दें कि इस लैब के कर्मचारियों और मालिक पर एफआईआर दर्ज की गई है।


इस लैब का खुलासा होने के साथ ही कई लैब सवालों के घेरे में



पैथोलॉजी लैब बिना किसी रजिस्ट्रेशन के चलाया जा रहा था। सेंटर पर चार लैब का रिपोर्ट एवं पैसे का रसीद पाया गया, जिसमें इस बात की पुष्टि हुई कि सेंटर द्वारा अवैध टेस्ट किए जाते थे तथा फर्जी रिपोर्ट जारी किया जाता था। इस लैब का खुलासा होने के साथ ही कई लैब सवालों के घेरे में आ गया है।

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