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इंडो-नेपाल के बीच ट्रेन का परिचालन जल्द शुरू।




भारत-नेपाल के बीच ट्रेन परिचालन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। बता दें कि आज इसको लेकर जयनगर से नेपाल के कुर्था तक लगभग 35 किलोमीटर में स्पीडी ट्रायल लिया गया है। इस ट्रायल में समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम एवं नेपाल के रेल अधिकारी भी मौजूद थे। वही जयनगर से कुर्था के बीच स्पीडी ट्रायल को लेकर नेपाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। जयनगर से कुर्था के बीच 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से स्पीडी ट्रायल सफल रहा। बता दें कि ट्रायल सफल होने के बाद जल्द ही दोनों देशों की सहमति से ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जा सकता है। वही जयनगर रेलवे स्टेशन पर डीआरएम समेत रेलवे के तमाम अधिकारीगणों ने जयनगर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया, जहां जयनगर से नेपाल के बीच चलने वाली ट्रेन में लगेज स्कैनर समेत तमाम पहलुओं को गौर से जांचा-परखा गया।


7 साल बाद रेल परिचालन बहाल होने की उम्मीद




जयनगर के लिए कल का दिन बहुत ही ऐतिहासिक रहा, जहां 7 सालों के बाद जयनगर-जनकपुर के बीच रेल परिचालन फिर से बहाल होने की उम्मीद तेज हो गई है। मालूम हो कि यह रेल सेवा दोनों देशों की लाइफलाइन मानी जाती रही है। भारत सरकार की मैत्री योजना के तहत पहले प्रोजेक्ट को तीन चरणों में बांटा गया है, जहां पहले चरण में जयनगर भाया जनकपुर नेपाल के कुर्था तक 35 किलोमीटर में सभी कार्यों को पूरा कर लिया गया था। लेकिन 2019 में आयी बाढ़ में इनरवा के पास रेल ट्रैक के नीचे की मिट्टी ध्वस्त हो गई थी, जिसे फिर ठीक कर लिया गया। परन्तु फिर भी ट्रेन परिचालन शुरू होने का मामला हवा-हवाई हो गया था। लेकिन आज भारत-नेपाल के बीच स्पीडी ट्रायल होने के बाद ट्रेन सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।


दोनों देशों के लिए मील का पत्थर होगा साबित



बताते चलें कि इंडो-नेपाल के बीच चलने वाली डीएमयू ट्रेन में 300 यात्री बैठ सकते हैं। वही इस ट्रेन में एक एसी कोच भी रहेगा, जिसमें 56 सीटें होंगी। ट्रेन का किराया भी निर्धारित कर दिया गया है, जिसमें यात्रियों को जयनगर से जनकपुर स्टेशन तक करीब 29 किलोमीटर का सफर करने के लिए 60 रूपया(नेपाली) और 37.50 रूपए (इंडियन) चुकाने होंगे। वही जयनगर से कुर्था तक 34 किलोमीटर सफर के लिए 70 रूपया नेपाली और भारतीय 43.75 निर्धारित है। एसी कोच का किराया 300 रूपया नेपाली और भारतीय 187.50 है। जयनगर से यह ट्रेन खुलकर इनरवा, खजुरी, वैदेही होते कुर्था तक पहुंचेगी। बता दें कि इसमें जयनगर को छोड़कर सभी स्टेशन नेपाली क्षेत्र में हैं। भारत-नेपाल के बीच ट्रेन सेवा बहाल होने से दोनों देशों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगी।

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