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जयनगर-जनकपुर कुर्था नेपाल रेलखंड पर जल्द दौड़ेगी ट्रेनें।



जयनगर-जनकपुर कुर्था नेपाल रेलखंड पर जल्द दौड़ेगी ट्रेनें।इसको लेकर भारत के गृह मंत्रालय के अलावा समस्तीपुर मंडल और रेलवे के कई अधिकारियों ने मंगलवार को जयनगर-कुर्था रेलखंड का दौरा कर निरीक्षण किया। जिसके बाद बिहार के मधुबनी में स्थित जयनगर से नेपाल के जनकपुर- कुर्था तक रेल मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन जल्द ही शुरू हो जाएगा। बताते चलें की राजनीतिक स्तर पर भारत नेपाल के बीच ट्रेन सेवा को शुरू करने को लेकर हलचल तेज है, जिसको देखते हुए इंडो-नेपाल रेल रूट पर ट्रेन चलाने की क्या स्थिति है यह जानने के लिए गृह मंत्रालय के अधिकारियों की टीम निरीक्षण करने कल यहाँ पहुँची थी। उनके साथ समस्तीपुर रेल मंडल के कई अधिकारियों ने स्पेशल ट्रेन से यहां का दौरा किया। जिसके बाद कई साल से ठप्प पड़े रेल संचालन के फिर से शुरू होने संभावना को लेकर दोनों देशों के लोगों में खुशी का माहौल है।


जल्द ही परिचालन की तिथि घोषित



जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन पर रेल परिचालन को लेकर भारत की सुरक्षा एजेंसी, कस्टम विभाग के अलावा रेलवे और निर्माण ऐजेंसी के अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इसमें भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती रेलवे स्टेशन से रेल परिचालन और रेल यात्री की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विचार विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया रेल परिचालन की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी है, राजनीतिक स्तर पर समय और तारीख तय कर ट्रेन आवागमन शुरू किया जाएगा।


रामायण सर्किट होगा पूरा



बताते चलें कि जयनगर से जनकपुर धाम तक 34 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनकर तैयार हो गई है। संरक्षा और सुरक्षा के मद्देनजर नयी रेललाइन की हर स्तर से जांच हो चुकी है। वहीं इस रेललाइन पर इंजन का ट्रायल भी पिछले दिनों किया जा चुका है। जयनगर-जनकपुर धाम रेल लाइन शुरू होने का लोग बहुत समय से बाट जोह रहे हैं। यह रेललाइन शुरू होने के बाद अयोध्या ही नहीं, देश के किसी भी कोने से जयनगर के रास्ते लोग जनकपुर धाम की यात्रा ट्रेन के माध्यम से कर पायेंगे। इस रेल नेटवर्क के जरिए रामायण सर्किट पूरा हो जाएगा।


दोनों देशों का सीधा जुड़ाव


बिहार के रास्ते जयनगर से नेपाल के जनकपुर तक रेल सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद तेज होने के बाद भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग उस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब दोनों देशों के बीच ट्रेन चलने की आवाज सुनाई दे। गृह मंत्रालय और इंडियन रेलवे के अधिकारियों द्वारा जयनगर का दौरा कर सभी तैयारियों का जायजा लिए जाने के बाद रेल सेवा इसी माह से शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। अगर जनवरी में इंडो-नेपाल के बीच रेल सेवा बहाल हो जाती है तो पर्यटन को भी खुब बढ़ावा मिलेगा। भारत से बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं का जत्था जनकपुर धाम के लिए पहुंचते हैं। रेल सेवा बहाल हो जाने के बाद लोगों के लिए नये साल में यह बड़ी सौगात होगी। जयनगर-जनकपुर रेल सेवा शुरू होने की लोग वर्षों से इंतजार कर रहे हैं। रेल सेवा बहाल होने से जहां मिथिलांचल की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, वहीं कला संस्कृति और समृद्ध विरासत को भी नयी पहचान मिलेगी। इसी के साथ भारत और नेपाल के बीच दो भागों में विभक्त मिथिला का क्षेत्र रेल नेटवर्क के माध्यम से आपस में सीधे एक-दूसरे से जुड़ जाएगा।

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