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दरभंगा सहित कई जिलों में उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी, मिलेंगे रोजगार के अवसर।



दरभंगा में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए खादी बोर्ड ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर बनाने का निर्णय लिया है। इसमें दरभंगा के साथ-साथ भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया, आरा, समस्तीपुर भी शामिल हैं। उधोग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन द्वारा प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को बड़े पैमाने पर निर्यात करने के लिए कलाकारों को मौका देने की कोशिश की जा रही है। राज्य का उधोग विभाग निर्यात को बढ़ावा देने के लिए खादी के कपड़ों, ग्रामोद्योग सामग्री एवं हस्तशिल्प के लिए बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।


वाणिज्य मंत्रालय ने पहले ही निर्यात को लेकर दी है हरी झंडी



बता दें कि इसके अलावा पुराने कलाकारों को भी नई तकनीक से लैस कर उनके गुणवत्ता को बढ़ाने की कोशिश चल रही है। खादी बोर्ड कई जिलों में क्लस्टर बनाने की प्लानिंग कर रही है। जिसमें दरभंगा में कुंभकारी, समस्तीपुर में बांस के उत्पाद, भागलपुर में सिल्क, मुजफ्फरपुर में साबुन-अगरबत्ती, गया में स्टोन शिल्प, आरा में एप्लीक एवं कशीदाकारी कला शामिल हैं। मालूम हो कि वाणिज्य मंत्रालय भी राज्य के उत्पादों को निर्यात के लिए ग्रीन सिग्नल दे चुका है।


स्थानीय स्तर पर मिलेगा रोजगार



खादी बोर्ड के सीईओ के मुताबिक मधुबनी पेंटिंग और सुजनी कला की विदेशों में काफी डिमांड हैं। वहीं भागलपुर के सिल्क, मधुबनी के मसलिन के कपड़ों की मांग की जा रही है। सीईओ के अनुसार मुजफ्फरपुर में ग्रामोद्योग की सामग्री तैयार करने के लिए ट्रेंनिग दिया जा रहा है। बता दें कि अगर दरभंगा, मधुबनी समेत अन्य जिलों में स्थानीय उत्पाद को बढ़ावा मिलता है तो इससे कलाकारों का मनोबल बढ़ेगा, साथ ही रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

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