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दरभंगा में पीएम केअर्स फंड से मिले 25 वेंटीलेटर को अब तक नहीं किया जा सका शुरू।



कोरोना से बिहार में गंभीर स्थिति बनी हुई है, बता दें कि मरीजों को अस्पताल में बेड की कमी बताकर भर्ती नहीं किया जाता है। वही अगर उन्हें भर्ती ले भी लिया जाए तो ऑक्सीजन और दवा की किल्लत से दम तोड़ देते हैं। डीएमसीएच की स्थिति और भी बदतर है, जहां मरीजों को अस्पताल में समय पर वेंटिलेटर बेड नहीं मिल पाता है। लिहाजा अस्पताल प्रबंधन की कुव्यवस्था का कोपभाजन मरीजों को बनना पड़ता है।


अस्पताल में धूल फांक रहे वेंटीलेटर


कोविड-19 का प्रकोप पिछले साल 2020 से ही बना हुआ है। कोरोना के खिलाफ इस जंग को लड़ने के लिए तकरीबन 9 महीने पहले डीएमसीएच दरभंगा को पीएम केअर्स फंड से 25 वेंटीलेटर आइसीयू सेटअप के साथ दिया गया था। परन्तु इतने दिन बीत जाने के बाद भी अब तक इन वेंटीलेटरों को मरीजों के लिए शुरू नहीं किया जा सका है। एक तरफ़ जहां मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ये 25 वेंटीलेटर अब तक धूल फांक रहे हैं।



बार-बार ड्राई रन फेल बताया जा रहा वजह


डीएमसीएच में 25 वेंटीलेटर शुरू होने की बाट जोह रहा है। इस को लेकर डीएमसीएच के अधीक्षक का कहना है कि हॉस्पिटल में ICU सेटअप और वेंटीलेटर को चालू करने के लिए तैयार कर लिया गया है, लेकिन बार-बार ड्राई रन फेल होने के कारण इनको शुरू नहीं किया जा रहा है। ड्राई रन फेल हो रहा है, ऐसे में वहां किसी मरीज को रखना घातक हो सकता है। जल्द ही इसे सही कर वेंटीलेटर को मरीजों के लिए बहाल कर दिया जाएगा।




ऑक्सीजन की कमी बताकर वेंटीलेटर शुरू नहीं


वही डीएमसीएच में वेंटीलेटर शुरू नहीं होने को लेकर नगर विधायक ने डीएमसीएच प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। जहां ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हैं, जिसको लेकर वेंटीलेटर का उपयोग नही हो पा रहा है। जिसके बाद यह फैसला लिया गया है कि प्राइवेट एजेंसी को इसकी कमान सौंपकर जल्द से जल्द वेंटीलेटर को चालू किया जाएगा। अब देखना ये है कि वेंटीलेटर को मरीजों के लिए कब शुरू किया जा सकेगा, या बस यूं ही जुमला बाजी में अटक जाएगा।

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