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भारत और नेपाल को रामायण सर्किट से जोड़ने की तैयारी तेज, जनकपुर अयोध्या सीधे जुड़ेंगे रेल मार्ग से।

अपडेट किया गया: 4 अक्टू. 2020


रामलला जन्मभूमि पर राममंदिर निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही रामायण सर्किट को रेलमार्ग से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। इसके तहत रामायण सर्किट का प्रमुख स्थल जनकपुर भी रेलवे मार्ग से जुड़ने जा रहा है, इसको लेकर पहले ही दो डेमू ट्रेन भारत ने नेपाल को दिया है, जो फिलहाल अभी ट्रायल के बाद जयनगर स्टेशन पर खड़ी है।


भारत-नेपाल के बीच हैं गहरा संबंध


ट्रेनों के परिचालन को लेकर नेपाल में युद्ध स्तर पर प्रक्रिया चालू हैं, इसे लेकर जयनगर जनकपुर के बीच जल्द ही ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा। इसके साथ हीं अयोध्या से जानकी नगरी की जन्मस्थली जनकपुर के बीच भी ट्रेन के आवागमन की संभावना दिखने लगी है।


मालूम हो कि बिहार के जयनगर और नेपाल के जनकपुर के बीच नैरो रेल लाइन पर पहले ट्रेन चला करती थी। नेपाली रेलवे ने भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी ही नहीं, बल्कि आस्था का भी गहरा संबंध क़ायम करने में अहम भूमिका अदा किया है।

दोनों देशों के बीच की दूरी होगी कम


बता दें कि जिस दिन जयनगर रेलवे स्टेशन पर नेपाल के लिए ट्रेन आई थी, लोगों का भारी भीड़ ट्रेन को देखने उमड़ पड़ा। आस-पास, स्थानीय लोग समेत सीमावर्ती इलाकों में इस मार्ग पर ट्रेन चलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं अगर दूसरी तरफ अयोध्या से जनकपुर के बीच ट्रेन सेवा बहाल होने से, दोनों देशों के बीच की दूरी काफी कम हो जाएगी।

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