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  • DARBHANGA CITY

दरभंगा समेत बिहार के ये तीन शहर हुए रामायण सर्किट में शामिल।



केन्द्र सरकार की स्वदेश योजना के तहत बिहार के तीन शहरों का चयन किया गया है। बताते चलें कि बिहार में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। वहीं इसमें दरभंगा तो सीधा पर्यटन से जुड़ा हुआ है। जहां अहिल्या स्थान के नाम से प्रसिद्ध है। बता दें यह स्थान मां सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी से 40 किलोमीटर दूर पर स्थित है। यहीं पर ऋषि विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार किया था। अहिल्या नगरी तथा गौतम आश्रम मिथिला में ही था। मिथिला राज्य में घुसने से पहले भगवान राम ने अहिल्या का उद्धार किया और उसके बाद ऋषि विश्वामित्र के साथ जनकपुर पहुंचे थे। दरभंगा में गौतम कुंड के साथ ही बहुत सारे ऐसे स्थल है जहां पर्यटकों के आने की संभावना बनती है। और उसे भी विकसित करने की पहल करना होगा।


इन तीनों शहरों का रामायण काल से जुड़ाव


बताते चलें कि केंद्र सरकार की रामायण सर्किट योजना के अंतर्गत बिहार समेत 9 राज्य में विकास के लिए 15 स्थानों को चयनित किया गया है। जिसमें दरभंगा, सीतामढ़ी एवं बक्सर शामिल हैं। इसमें मां सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी का महत्व अयोध्या से कम नहीं है। इन तीनों शहरों का रामायण काल से ही जुड़ाव माना जाता रहा है। सीतामढ़ी एवं दरभंगा को मां सीता की भूमि के रूप में मान्यता है। वहीं बक्सर के विश्वामित्र आश्रम होने और ताड़का वध से जुड़े होने की बात कही जाती है।


अयोध्या के समान सीतामढ़ी को महत्व


वहीं सीतामढ़ी के बारे में जानकारी दे दें कि, सीतामढ़ी को रामायण सर्किट में शामिल होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यहां के पुनौरा धाम, हलेश्वर स्थान, पंथपाकड़ साल 2018 में ही रामायण सर्किट में शामिल हुआ था। सीतामढ़ी का महत्व अयोध्या के बराबर ही माना जाता है। मालूम हो कि भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या से जनकपुर जाने वाले पर्यटक और श्रद्धालु पुनौरा धाम जरूर पहुंचते हैं।


पर्यटन बढ़ने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर


रामायण सर्किट में इन स्थानों का चयन किए जाने से पर्यटन केंद्र में आधारभूत संरचना का विकास होगा। जहां थीम के अनुसार पर्यटन केंद्रों की साज-सज्जा कर पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। चुने गए पर्यटन केंद्रों की स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, खान-पान को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पर्यटन केंद्रों के आस-पास के लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए जागरूक किया जाएगा।

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